इसीलिए स्त्रियाँ वेदो का पठन करने से डरती है

 

इस देश मे हर नर मे शिव है और नारी मे पार्वती

फिर भी स्त्री को समझा जाता है पनवती

मानवरूपी शंकर, तांडव कर, बन भस्मासुर

मोहिनी का दहन करता है

किडनैप कर उसका हरण करता है

 

यहाँ का नर श्रीकृष्ण बन अपनी बांसुरी जैसी मधुर वाणी से

गोपिकाओं को लुभाता है

नीत नई राधा पाकर, बाकि को सत्यभामा बनाकर घुमाता है

 

हम भारतीय तो धार्मिक है

जैसा वेदोपुराणो मे लिखा वैसा ही वर्तन करते है

रामायण, महाभारत के उदाहरण देकर

हम अपने कुकृत्योंका समर्थन करते है

 

मुझे लगता है इसीलिए वेदो का पठन पुरुष करते है

और स्त्रियाँ इसे पढने से डरती है