किस्मत का मैल


चाहे कितना भी रगड़ के धोले

या कितना भी लगाले पावडर

या महंगे क्रीम का लेप

या ढक ले दुपट्टे से चेहरा

पर ना मिटेगी किस्मत की रेखा

चाहे लगा ले कितना भी पेहरा


जितना रगड़ेगा काला ही पड़ेगा चेहरा

सोचता है की उजलेगा होगा सुनहरा

पर दोस्त, उपरवाले की सीमेंट में है वो जोड़

ना उसमे है मिलावट ना मक्कारी का मोड़

चाहे कितनी भी महँगी पि. . पि. कराले

या अच्छी पुट्टी भरवाले

ये है किस्मत की दीवार का crack

उसी वक़्त भरेगा और होगी नैय्या पार

जब सह लेगा उपरवाले की मार