हम मतलबपरस्त भारतीय

 

कुछ लोग देखो कितने मतलबपरस्त है

ना उनको धरम और रस्मो से कुछ लेना देना होता है

अपने धरम मे नही दूसरी शादी की इजाजत

तो अपना धरम छोड कागजपर दूसरा धरमअपना लेते है

और वह दूसरा धरम जो कागजपर अपनाकर निकाह कुबूल किया

वो कितना है खोखला, “उसमे कैसा भी बर्ताव कर सकते हैयह दिखाकर,

उसको लोगो के नजरो से गिराकर,

अपने original धरम को गाली देते है

 

 

किसी दूसरे देश के नागरिक होने के बावजूद भी

भारत देश की संसद मे विधायक बनकर विराजमान होते है

दोनो देशो से धोखाधडी कर संविधान का मजाक उडाते है

 

 

दूसरे देशो के minority भारत मे बसने की गुहार लगाते है,

झुग्गीझोपडियों मे रहकर निर्वासित कहलाते है

और पैसेवाले रसूखदार, घपले कर, बिनाझिझक

कभी भी दूसरे देश का नागरिक बन रफूचक्कर होते है

 

जब जाते है परदेश,

वहा के कानूनो का कठोरता से पालन करते है

गंदगी करने से पहले वहाँ की punishment को याद करते है

भारत आकर, कानून पैरोंतले रौंद,

हम democratic है कहकर, उधम मचाते है